ग्रीन कॉफी के फायदे क्या है – Benefits of Green Coffee

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ग्रीन कॉफी के फायदे क्या है - What are the Benefits of Green Coffee

चा        य और कॉफी हमारी दिनचर्या का अहम हिस्सा बन गए हैं। जहां पहले लोग इन्हें सिर्फ स्वाद के लिए पीते थे, वहीं आज स्वास्थ्य के लिहाज से इनका सेवन किया जा रहा है। आज हर्बल और ग्रीन-टी के रूप में कई विकल्प बाजार में उपलब्ध हैं। इसके साथ ही ग्रीन कॉफीGreen Coffee का नाम भी इसी क्रम में जुड़ गया है। बात हो वजन घटने की या फिर अन्य स्वास्थ्य संबंधित समस्याओं की, तो ग्रीन कॉफी एक बेहतर विकल्प हो सकती है। Google Today के इस लेख में आप पढ़ेंगे ग्रीन कॉफी के फायदे किस प्रकार शरीर पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं। साथ ही इस लेख में आप ग्रीन कॉफी के उपयोग और ग्रीन कॉफी के नुकसान के विषय में भी जानेंगे। पाठक इस बात पर जरूर गौर करें कि ग्रीन कॉफी लेख में शामिल किसी भी स्वास्थ्य समस्या का इलाज नहीं है। यह केवल इनके प्रभाव को कुछ हद तक कम करने में मददगार हो सकती है।

ग्रीन कॉफी क्या है?

  • कॉफी के पौधे से हरे रंग के बीजों को लेकर पहले उन्हें भूना जाता है
  • और फिर पीसकर सामान्य कॉफी बनाई जाती है।
  • इस प्रक्रिया से कॉफी का रंग हरे से बदलकर हल्का या गहरा भूरा हो जाता है
  • और स्वाद भी बढ़ जाता है.
  • लेकिन कॉफी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट जैसे गुणकारी तत्व की मात्रा कम हो जाती है।
  • वहीं, जब कॉफी के बीजों को बिना भुने पीसकर पाउडर बनाया जाता है.
  • तो इसे Green Coffee कहते हैं।
  • इसमें कई गुणकारी तत्व मौजूद होते हैं.
  • जो सेहत के लिए अच्छे हो सकते हैं।
  • प्रतिदिन 200 से 480 एमजी तक Green Coffee का सेवन किया जा सकता हैं।
Green Coffee

ग्रीन कॉफी पीने का सही समय

  • कोई भी चीज तभी फायदा करती है.
  • जब उसे नियमानुसार और तय समय पर किया जाए।
  • इसी प्रकार Green Coffee पीने का समय भी जानना जरूरी है।
  • कई लोग जब मन किया तभी उसे पी लेते हैं,
  • जो सही नहीं है।
  • यहां हम बता रहे हैं ग्रीन कॉफी पीने का सही समय।

कब पिए :

  • Green Coffee को सुबह खाली पेट पी सकते हैं।
  • इसे दोपहर को खाने से आधा घंटा पहले या फिर खाने के एक घंटे बाद पी सकते हैं।

ग्रीन कॉफी बनाने की विधि 

  • सेहत के लिए ग्रीन कॉफी के लाभ जानने के बाद,
  • आइए जानते हैं ग्रीन कॉफी कैसे बनाएं।
  • इसे हरे रंग के कच्चे बीजों से बनाया जाता है।
  • इन बीजों को भूना नहीं जाता है।
  • यहां हम बता रहे हैं ग्रीन कॉफी बनाने की विधि।

सामग्री :

  • ग्रीन कॉफी के करीब 10 ग्राम बीज
  • तीन चौथाई कप गर्म पानी

ग्रीन कॉफी कैसे बनाएं :

  • Green Coffee बनाने के लिए सबसे पहले ग्रीन कॉफी बीन्स को रातभर के लिए पानी में डालकर रख दें।
  • अगली सुबह बीजों सहित पानी को करीब 15 मिनट तक धीमी आंच पर उबालें।
  • इससे बीजों का हरा रंग पानी में आ जाएगा।
  • अब पानी को उतार लें और छान लें।
  • जब पानी सामान्य हो जाए, तो उसे पिएं।
  • यह सबसे अच्छा ग्रीन कॉफी पीने का तरीका हो सकता है।
  • चाहें तो एक पाउच ग्रीन कॉफी के पाउडर को एक कप गर्म पानी में घोलकर भी ग्रीन कॉफी बना सकते हैं।
 Caution: 
  • Green Coffee में चीनी या शहद का प्रयोग न ही करें,
  • तो ग्रीन कॉफी पीने का तरीका बेहतर हो सकता है।
  • साथ ही इसमें दूध भी न मिलाएं।
  • इसे ऐसे ही पिएं और दिनभर में अधिक से अधिक दो कप का ही सेवन करें।
  • इससे अधिक पीने पर कई प्रकार की समस्याएं हो सकती हैं.
  • जिसके बारे में हम इस लेख में आगे बताएंगे।
  • साथ ही गर्भवती व स्तनपान कराने वाली महिलाओं और बच्चों को ग्रीन कॉफी का सेवन नहीं करना चाहिए।

ग्रीन कॉफी के फायदे

Headache

  • Green Coffee सिर दर्द की समस्या को दूर करने में भी फायदेमंद हो सकती है।
  • दरअसल, एक शोध के अनुसार ग्रीन कॉफी में 1.2 प्रतिशत तक कैफीन की मात्रा पाई जाती है।
  • कैफीन सिर दर्द को कुछ हद तक कम करने में फायदेमंद हो सकता है।
  • वहीं, एक अन्य शोध में पाया गया कि कैफीन का उपयोग सिर दर्द,
  • खासकर माइग्रेन की स्थिति में कुछ हद तक लाभदायक हो सकता है।
  • साथ ही इस बात का ध्यान रखें कि कैफीन का अधिक मात्रा में सेवन,
  • शरीर पर नकारात्मक प्रभाव भी डाल सकता है।

Hair

  • लम्बे बाल किसे पसंद नहीं होते।
  • हर किसी को लम्बे और मजबूत बालों की चाह होती है।
  • ऐसे में बालों को स्वस्थ रखने से लिए ग्रीन कॉफी एक अच्छा विकल्प हो सकती है।
  • Green Coffee में आयरन और विटामिन-सी जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं।
  • शोध में पाया गया कि ये पोषक तत्व बालों की समस्या को दूर करने के साथ ही उन्हें मजबूती प्रदान करने में फायदेमंद हो सकते हैं।
  • वहीं, Green Coffee सीधे तौर पर बालों के लिए किस प्रकार लाभदायक हो सकती है.
  • इस पर अभी और शोध किए जाने की जरूरत है।

Cancer

  • कैंसर जैसी बीमारी को पनपने से रोकने के लिए भी ग्रीन कॉफी फायदेमंद हो सकती है।
  • शोध के अनुसार, इसमें Antiproliferative यानी ट्यूमर कोशिकाओं के विस्तार को कम करने वाला गुण पाया जाता है.
  • जो कैंसर के जोखिम से बचाने में कुछ हद तक मददगार हो सकता है।
  • वहीं, पाठक इस बात का जरूर ध्यान रखें कि अगर किसी को कैंसर है.
  • तो सिर्फ Green Coffee प्रभावी नहीं हो सकती।
  • इस स्थिति में डॉक्टरी इलाज करवाना सबसे जरूरी है।

Anti-Oxidant 

  • Green Coffee के बीजों में क्लोरोजेनिक एसिड पाया जाता है.
  • जिसमें एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं।
  • एंटीऑक्सीडेंट गुण शरीर को फ्री रेडिकल्स और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाए रखने में मददगार हो सकता है।
  • वहीं, एक शोध में जिक्र मिलता है कि एंटीऑक्सीडेंट गुण फ्री रेडिकल्स को जन्म देने वाले रोग जैसे कि उच्च रक्तचाप, मधुमेह, पार्किंसंस – केंद्रीय तंत्रिका तंत्र से जुड़ा विकार और अल्जाइमर – भूलने की बीमारी से बचाव में मदद कर सकते हैं।
  • फिलहाल, इस विषय पर अभी और शोध किए जाने की आवश्यकता है।

Concentration

  • याददाश्त और मानसिक सुधार में भी ग्रीन काॅफी फायदेमंद हो सकती है।
  • एक शोध के अनुसार, ग्रीन कॉफी बीन्स में कुछ मात्रा कैफीन की होती है।
  • शोध में पाया गया कि कैफीन, सामान्य तौर पर मूड, ध्यान, स्मृति और सतर्कता को बढ़ाकर मानसिक स्वास्थ्य में सुधार कर सकता है।
  • इसके अलावा, एक अन्य शोध में पाया गया कि अल्जाइमर के रोगियों पर Green Coffee बीन्स का उपयोग फायदेमंद हो सकता है।
  • शोध के अनुसार, इसमें न्यूरोप्रोटेक्टिव गुण पाए जाते हैं.
  • जो अल्जाइमर की समस्या में फायदेमंद हो सकते हैं।

Diabetes 

  • Green Coffee का उपयोग मधुमेह की समस्या को कम करने के लिए भी किया जा सकता है।
  • इस विषय पर किए गए शोध में पाया गया कि ग्रीन काॅफी में Chlorogenic Acid पाया जाता है।
  • इसमें हाइपोग्लाइसेमिक और एंटीडायबिटिक प्रभाव पाए जाते हैं.
  • जो मधुमेह की समस्या पर सकारात्मक प्रभाव दिखा सकते हैं।
  • शोध में पाया गया कि कॉफी के 3 से 4 कप की दैनिक खपत लगभग 30 प्रतिशत तक टाइप 2 मधुमेह को कम करने में फायदेमंद हो सकती है।
  • बेशक, डायबिटीज में ग्रीन कॉफी फायदेमंद हो सकती है.
  • लेकिन मरीज को डॉक्टर की ओर से दी गई दवा का सेवन जरूर करना चाहिए।
  • साथ ही अपने खान-पान पर खासतौर पर ध्यान देना चाहिए।

Weight Loss

  • बढ़ता हुआ वजन कई समस्याओं का कारण बन सकता है
  • और लोग इस समस्या को दूर करने के लिए कई प्रकार के उपाय भी करते रहते हैं।
  • कई शोधों में बढ़ते वजन को कम करने के लिए ग्रीन कॉफी के फायदे देखे गए हैं।
  • चूहों पर किए गई एक रिसर्च के अनुसार, ग्रीन कॉफी में एंटीओबेसिटी गुण पाया जाता है।
  • Green Coffee के अर्क में पाया जाने वाला एंटीओबेसिटी गुण शरीर में वसा के संचय को कम कर मोटापे और बढ़ते वजन को कम करने में मदद कर सकता है।
  • इसके अलावा, यह एडिपोजेनेसिस (वसा कोशिकाएं) और लिपिड चयापचय को भी नियंत्रित कर सकता है।
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ग्रीन कॉफी के नुकसान

  • Green Coffee में कैफीन की मात्रा पाई जाती है और इसका अधिक सेवन अनिद्रा, बेचैनी, पेट खराब, मतली, उल्टी, हृदय व श्वास दर में वृद्धि और अन्य दुष्प्रभावों का कारण बन सकता है।
  • ग्रीन काॅफी बींस में क्लोरोजेनिक एसिड की मात्रा भी पाई जाती है और क्लोरोजेनिक एसिड की उच्च खुराक का सेवन हृदय रोग का कारण बन सकता है।
  • Green Coffee में मौजूद कैफीन की मात्रा तनाव, रक्तस्राव विकार, दस्त की समस्या और उच्च रक्तचाप की समस्या को बदतर बना सकता है।
  • ग्रीन कॉफी बींस और अन्य स्रोतों में मौजूद कैफीन कैल्शियम की मात्रा को बढ़ा सकता है, जो कि मूत्र में बह जाता है। इससे हड्डियां कमजोर हो सकती हैं।
  • एक अन्य शोध में पाया गया कि अनियमित तौर पर इसका सेवन यूरिनरी ट्रैक इंफेक्शन का कारण भी बन सकता है।

अब आप जान गए होंगे कि Green Coffee के फायदे किस प्रकार शारीरिक स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं। सही Green Coffee बनाने की विधि अपनाकर और इसके नियमित सेवन से स्वस्थ जीवन का आनंद लिया जा सकता है। इसे बनाने के लिए लेख में Green Coffee बनाने का तरीका भी दिया गया है। वहीं, इसके साथ ही यह बात भी ध्यान देने योग्य है कि Green Coffee का अधिक सेवन कई समस्याओं का कारण बन सकता है। इसलिए, औषधि के रूप में इसका उपयोग करने से पहले अपने आहार विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। Thankyou…

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