सर्वांगासन क्या है – What is Sarvangasana

" Yoga is a light , which once lit will never dim. The better your practice , the brighter your flame "

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सर्वांगासन क्या है - What is Sarvangasana

भा         गदौड़ भरे जीवन में स्वास्थ्य का ख्याल रखना थोड़ा मुश्किल हो गया है। समय का अभाव शारीरिक गतिविधियों से दूर कर रहा है। ऐसे में योग अपनाकर थोड़े समय में ज्यादा स्वास्थ्य लाभ उठाए जा सकते हैं। योग के अंतर्गत ऐसे कई प्राणायाम और आसन हैं, जिनके अनगिनत फायदे हैं। ऐसा ही एक आसन है सर्वांगासन । इस आसन को नियमित रूप से करने से कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं से बचा जा सकता है। बेशक, योगासन फायदेमंद है, लेकिन तभी जब इसके साथ संतुलित खान-पान का भी पालन किया जाए। Google Today के इस लेख में हम जानेंगे कि सर्वांगासन क्या है और शरीर के लिए सर्वांगासन के फायदे क्या-क्या हो सकते हैं। इसके अलावा, इस लेख में सर्वांगासन करने का सरल तरीका भी आपको बताएंगे।

सर्वांगासन क्या है – What is Sarvangasana 

  • सर्वांगासन योगशास्त्र में वर्णित एक उत्तम योगासन है।
  • जैसा की नाम से पता चलता है – सर्व+अंग+आसन, यानी इस आसन से सभी अंग प्रभावित होते हैं।
  • सर्वांगासन में शरीर उल्टी अवस्था (Inverted Position) में रहता है।
  • माना जाता है कि ऐसे सभी आसन जिनमें शरीर उल्टा रहता है.
  • मानसिक स्वास्थ्य के लिए अच्छे होते हैं।
  • साथ ही इसे करने के अन्य लाभ भी हैं.
  • जिनके बारे में लेख में आगे विस्तार से बताया गया है।
  • सर्वांगासन करते समय व्यक्ति का सारा वजन उसके कंधों पर रहता है.
  • इसलिए इसे शोल्डर स्टैंड पोज (Shoulder Stand Yoga) भी कहते हैं।
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सर्वांगासन के फायदे – Benefits of Sarvangasana

डिप्रेशन कम करता है

  • डिप्रेशन के प्रभाव को कम करने में सर्वांगासन के लाभ देखे जा सकते हैं।
  • दरअसल, विशेषज्ञों का मानना है कि जिन आसनों में सिर नीचे और पैरों को ऊपर किया जाता है.
  • वो डिप्रेशन के लक्षणों को कम करने में मदद कर सकते हैं।
  • इन आसनों में सर्वांगासन का भी नाम शामिल है।
  • डिप्रेशन के लक्षणों में मानसिक विकार – जैसे कुछ नुकसान होने का डर व असफलता का डर शामिल है।
  • ऐसे कई लक्षणों को सर्वांगासन की मदद से नियंत्रित किया जा सकता है।
  • इसलिए, कहा जा सकता है कि डिप्रेशन से उबरने में सर्वांगासन एक सहायक भूमिका अदा कर सकता है।

स्ट्रेस काम करता है

  • विशेषज्ञों के अनुसार सर्वांगासन तनाव को नियंत्रित करने का काम भी कर सकता है।
  • इसके अलावा यह आसन ऊपर बताए गए डिप्रेशन के लक्षण जो कुछ तनाव की अवस्था में भी देखे जा सकते हैं.
  • उनसे पार पाने में मदद कर सकता है।
  • फिलहाल, इस विषय पर अभी और शोध की आवश्यकता है।

चयापचय बढाता है

  • भोजन से एनर्जी बनने की क्रिया को चयापचय ( Metabolism ) कहा जाता है।
  • चयापचय में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी श्वसन तंत्र से लेकर रक्त संचार और यहां तक की पाचन क्रिया को प्रभावित कर सकती है।
  • यहां सर्वांगासन आपकी मदद कर सकता है।
  • दरअसल, एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध में कुछ विशेष प्रकार के आसनों का उल्लेख किया गया है.
  • जो मेटाबॉलिज्म पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं।
  • इन आसनों में सर्वांगासन भी शामिल है.
  • लेकिन इस विषय पर अभी और शोध की आवश्यकता है।

पाचन शक्ति बढ़ती है

  • जैसा कि हमने ऊपर बताया कि सर्वांगासन से शरीर के सभी अंगों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है.
  • जिसमें अपच (Dyspepsia) में सुधार कर पाचन क्रिया को मजबूत बनाना भी शामिल है।
  • इसके अलावा, यह इर्रिटेबल बाउल सिंड्रोम (आंत से जुड़ा विकार) को नियंत्रित करने का काम भी कर सकता है.
  • जिसमें कब्ज जैसी समस्या भी शामिल है।

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चिंता को कम करता है

  • चिंता को दूर करने और नींद को बढ़ावा देने में भी सर्वांगासन के लाभ देखे जा सकते हैं।
  • दरअसल, इस आसन का नियमित अभ्यास चिंता, अवसाद और तनाव जैसी समस्याओं को दूर करने का काम करता है.
  • जिसका सकारात्मक प्रभाव नींद को बढ़ावा देने का काम कर सकता है।
  • हालांकि, यह आसन सीधे तौर पर किस प्रकार काम करता है.
  • इस पर अभी और शोध की आवश्यकता है।

साइनसाइटिस और अस्थमा में सहायक

  • अस्थमा और साइनसाइटिस जैसी श्वसन तंत्र से जुड़ी समस्याओं से बचाव व आराम दिलाने में भी सर्वांगासन का लाभ देखा जा सकता है।
  • दरअसल, एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध में उन आसनों को शामिल किया गया है.
  • जो पल्मोनरी फंक्शन (फेफड़ों से संबंधित) में सुधार कर सकते हैं।
  • इसके अलावा, कुछ विशेषज्ञ अस्थमा और साइनसाइटिस के वैकल्पिक उपचार के लिए सर्वांगासन के नियमित अभ्यास की भी सलाह देते हैं।
  • इस आधार पर कहा जा सकता है कि सर्वांगासन श्वसन तंत्र से जुड़ी समस्याओं पर सकारात्मक प्रभाव दिखा सकता है।
  • इन समस्याओं के सटीक इलाज के लिए योगाभ्यास के साथ-साथ डॉक्टरी उपचार को प्राथमिकता जरूर दें।

थायराइड ग्रंथि को एक्टिवेट करता है

  • थायराइड गले में मौजूद एक ग्रंथि होती है।
  • यह ग्रंथि मेटाबॉलिज्म और व्यक्ति के विकास में सुधार के लिए हार्मोन बनाने का काम करती है।
  • कई बार इस पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभाव थायराइड संबंधी समस्याओं जैसे – हाइपर थायरॉयडिज्म (थायराइड द्वारा अधिक हार्मोन का उत्पादन) और हाइपोथायरायडिज्म (थायराइड द्वारा पर्याप्त हार्मोन का न बन पाना) को उत्पन्न कर देते हैं।
  • यहां भी सर्वांगासन के लाभ देखे जा सकते हैं।
  • दरअसल, विशेषज्ञों के अनुसार, कुछ चुनिंदा योगासन थायराइड ग्रंथि से जुड़ी समस्याओं के वैकल्पिक उपचार में मदद कर सकते हैं।
  • इस आसनों में सर्वांगासन को भी शामिल किया गया है।

सर्वांगासन करने का तरीका – Steps to do Sarvangasana 

  • सबसे पहले स्वच्छ वातावरण में एक योग मैट बिछा लें।
  • अब मैट पर पीठ के बल लेट जाएं और दोनों हाथों को शरीर से सटाकर सीधा कर लें।
  • अब सांस लेते हुए पैरों, कूल्हों और कमर को धीरे-धीरे ऊपर उठाएं।
  • साथ ही हाथों से कमर को सहारा देते हुए कोहनियों को जमीन से सटा लें।
  • ध्यान रहे कि आपके दोनों पैर आपस में सटे और सीधे रहें।
  • इस दौरान आपके शरीर का भार कंधों, कोहनियों और सिर पर होगा।
  • साथ ही आपकी ठुड्डी छाती को स्पर्श करेगी।
  • कुछ देर इसी मुद्रा में बने रहें और सामान्य रूप से सांस लेते रहें।
  • फिर धीरे-धीरे वापस अपनी प्रारंभिक अवस्था में आ जाएं।

सर्वांगासन करने के टिप्स – Tip to do Sarvangasana 

इस आसन को पहली बार करने जा रहे व्यक्ति नीचे बताई जा रही बातों को ध्यान में जरूर रखें –

  • किसी योग गुरु या अनुभवी व्यक्ति की देखरेख में इस आसन को करें।
  • अपने शरीर के साथ कोई जबरदस्ती न करें।
  • पैरों को धीरे-धीरे ऊपर ले जाएं।
  • गर्दन का खास ख्याल रखें। सर्वांगासन करने का तरीका ऐसा हो कि आपका वजन कंधों पर हो गर्दन पर नहीं।

सर्वांगासन के लिए कुछ सावधानियां – Precautions for Sarvangasana 

अगर कोई निम्न अवस्थाओं का सामना कर रहा है, तो सर्वागासन न करें –

  • गर्भावस्था
  • उच्च रक्तचाप
  • गंभीर ह्रदय रोग
  • रीढ़ की हड्डी से जुड़ी समस्या
  • गर्दन में असहनीय दर्द

उम्मीद है कि अब आप स्वास्थ्य के लिए सर्वांगासन के फायदे क्या-क्या हो सकते हैं, इससे भलिभांति परिचित हो गए होंगे। लेख में सर्वांगासन करने का तरीका भी बताया गया है, जिसका पालन कर इस आसन का अभ्यास सही प्रकार से किया जा सकता है। साथ ही इस लेख में बताई गईं सावधानियों का भी पूरा ध्यान रखना जरूरी है। यहां एक बार फिर से बता दें कि सर्वांगासन का फायदा तभी होगा, जब अनुशासित दिनचर्या व पौष्टिक आहार का सेवन किया जाए। साथ ही किसी भी गंभीर शारीरिक समस्या के लिए डॉक्टर से संपर्क जरूर करें। इसके अलावा, इस आसन से जुड़ी अन्य जानकारी के लिए आप नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स के जरिए हमसे पूछ सकते हैं। Thank you………

 

 

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