Lahsun Ka Upyog – Garlic ( Lahsun ) in Hindi

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Lahsun Ka Upyog - Garlic ( Lahsun ) in Hindi

Lahsun Ka Upyog – Garlic ( Lahsun ) in Hindi : भारतीय व्यंजन अपने लाजवाब जायके के लिए जाने जाते हैं। यहां भोजन में कई सामग्रियों का उपयोग होता है, जिसमें से एक लहसुन भी है। यह तेज गंध और अद्भुत स्वाद के साथ ही अपने औषधीय गुणों के लिए भी लोकप्रिय है। यही वजह है कि Googletoday.in के इस लेख में हम लहसुन के फायदे बता रहे हैं। यहां आप जानेंगे कि लहसुन के औषधीय गुण कैसे लाभदायक साबित होते हैं। साथ ही हम लहसुन के उपयोग और इसकी अधिकता होने पर लहसुन के नुकसान की जानकारी भी देंगे , चलिए विस्तार से बात करते है.

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Lahsun Ke Bare Mein Zaroori Baatein


लहसुन के बारे में कई ऐसे रोचक तथ्य हैं, जिनकी जानकारी लोगों को बिल्कुल भी नहीं है। ऐसे लहसुन से जुड़े कुछ रोचक तथ्य नीचे पढ़िए।

  • माना जाता है कि दुनियाभर में लहसुन की 300 से भी ज्यादा प्रकार हैं।
  • 19 अप्रैल को राष्ट्रीय लहसुन दिवस मनाया जाता है।
  • पहले और दूसरे विश्व युद्ध में लहसुन को एंटीसेप्टिक की तरह घाव के संक्रमण के लिए उपयोग किया गया था।
  • लहसुन को सिरका और नींबू के रस के साथ मिलाकर डिसइनफेक्टेंट की तरह उपयोग किया जा सकता है।
  • कुछ लोग हैं, जो वास्तव में लहसुन से डरते हैं। यह एक फोबिया है और इसे नाम भी दिया गया है ‘एलियमफोबिया’ (Alliumphobia)।
  • कुत्ते और बिल्लियों को लहसुन से दूर रखना चाहिए, क्योंकि यह उनके लिए जहरीला हो सकता है।
  • प्राचीन ग्रीस में शादी समारोह में लहसुन और अन्य जड़ी बूटियों से बने गुलदस्ते दिए जाते थे।
  • माना जाता है कि ग्रीक और रोमन के सैनिक युद्ध से पहले लहसुन का सेवन किया करते थे।

लहसुन के औषधीय गुण


  • एक समय था, जब आज की तरह जगह-जगह दवा की दुकानें नहीं होती थीं।
  • उस समय लहसुन का इस्तेमाल आयुर्वेदिक उपचार के लिए किया जाता था।
  • एनसीबीआई (नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफॉर्मेशन) की वेबसाइट पर प्रकाशित रिसर्च की मानें, तो लहसुन एंटी-ऑक्सीडेंट, एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-फंगल और एंटी-वायरल गुणों से भरपूर होता है।
  • इसमें एलिसिन और सल्फर यौगिक भी होते हैं।
  • साथ ही लहसुन में एजोइन (Ajoene) और एलीन (Allein) कंपाउंड भी पाए जाते हैं.
  • जो लहसुन को असरदार औषधि बनाते हैं।
  • इन तत्वों और यौगिकों की वजह से ही लहसुन का स्वाद थोड़ा कड़वा होता है.
  • लेकिन यही घटक लहसुन को संक्रमण दूर करने की क्षमता भी देते हैं।
  • लेख में आगे लहसुन के औषधीय गुणों से होने वाले फायदे के बारे में विस्तार से पढ़िए।

Lahsun Ke Fayde – Benefits of Garlic in Hindi


लहसुन के गुण सेहत पर कई लाभकारी असर डाल सकते हैं। इससे शरीर को कई लाभ मिल सकते हैं। हम आगे लहसुन के फायदे क्रमबद्ध बता रहे हैं।



  • लहसुन के फायदे में वजन कम करना भी शामिल है।
  • एनसीबीआई द्वारा पब्लिश एक शोध में दिया है कि लहसुन में एंटी-ओबेसिटी गुण होता है.
  • जो मोटापे को कम करने में कारगर हो सकता है।
  • इसके अलावा, लहसुन से थर्मोजेनेसिस यानी गर्मी उत्पादन करने वाली प्रक्रिया को बढ़ावा मिलता है।
  • इसे फैट बर्न करने के लिए जाना जाता है ।
  • अपने इन गुणों की वजह से लहसुन मोटापे से राहत दिला सकता है।

हाई ब्लड प्रेशर के लिए


  • लहसुन खाने के फायदे हाई ब्लड प्रेशर वालों में भी देखे जाते हैं।
  • एक अध्ययन के अनुसार, लहसुन में बायोएक्टिव सल्फर यौगिक, एस-एललिस्सीस्टीन (S-allylcysteine) होता है।
  • यह 10 mmhg सिस्टोलिक प्रेशर और 8 mmhg डायलोस्टिक प्रेशर को कम कर सकता है।
  • दरअसल, सल्फर की कमी से भी हाई ब्ल्ड प्रेशर की समस्या हो सकती है।
  • ऐसे में शरीर को ऑर्गनोसल्फर यौगिकों वाला पूरक आहार जैसे लहसुन देने से ब्लड प्रेशर को स्थिर किया जा सकता है।

कोलेस्ट्रॉल को करे कम


  • लहसुन कोलेस्ट्रॉल को कम करने में लाभकारी साबित हो सकता है।
  • अमेरिकी वैज्ञानिकों ने अपनी एक जांच में पाया है कि पुराने लहसुन के सेवन से शरीर में एलडीएल यानी हानिकारक कोलेस्ट्रॉल का स्तर कम हो सकता है।
  • साथ ही इसमें मौजूद एंटी-हाइपरलिपिडेमिया गुण टोटल और हानिकारक कोलेस्ट्रॉल को कम करने में सहायक माना जाता है।

हृदय के लिए


  • हृदय को स्वस्थ रखने के लिए भी लहसुन के फायदे देखे जा सकते हैं।
  • मनुष्यों और जानवरों पर किए गए कुछ अध्ययनों में यह बात साबित होती है।
  • रिसर्च की मानें, तो लहसुन में कुछ खास तरह के कार्डियो प्रोटेक्टिव गुण होते हैं.
  • जो हृदय को स्वस्थ रख सकते हैं ।
  • साथ ही लहसुन नुकसानदायक कोलेस्ट्रॉल को कम करके हृदय रोग के जोखिम से बचाव कर सकता है। ।

मधुमेह के लिए


  • लहसुन का उपयोग मधुमेह रोगियों के लिए भी फायदेमंद साबित हो सकता है।
  • एनसीबीआई द्वारा प्रकाशित एक शोध के अनुसार, एक-दो हफ्ते तक लहसुन का सेवन करने से टाइप 2 डायबिटीज के मरीजों का शुगर नियंत्रित हो सकता है।
  • एक रिसर्च बताती है कि मधुमेह की समस्या से परेशान लोग कच्चा लहसुन भी खा सकते हैं।
  • दरअसल, कच्चे लहसुन में भी शुगर की मात्रा कम करने वाला प्रभाव पाया जाता है।
  • साथ ही लहसुन में एंटी-डायबिटिक गुण भी होता है.
  • जो डायबिटीज के जोखिम को कम कर सकता है।

दमा के लिए


  • लहसुन खाने के फायदे दमा यानी अस्थमा की शिकायत वालों पर भी देखे जा सकते हैं।
  • इस विषय को लेकर जानवरों पर हुए एक अध्ययन में लहसुन को लाभकारी बताया गया है ।
  • एक अन्य अध्ययन के अनुसार, अगर किसी दमा के मरीज को एलर्जी है.
  • तो लहसुन का उपयोग डॉक्टर के परामर्श पर ही करना चाहिए।
  • अन्यथा एलर्जी की समस्या बढ़ सकती है।

सर्दी-जुकाम और बुखार के लिए


  • कई बार लोग सर्दी-जुकाम या बुखार से बचाव के लिए लहसुन खाने की राय देते हैं।
  • इस बारे में एनसीबीआई की वेबसाइट में 12 सप्ताह तक किया गया एक अध्ययन मौजूद है।
  • रिसर्च में पाया गया है कि लहसुन का एलिसिन यौगिक सर्दी जुकाम की समस्या का जोखिम कम कर सकता है।
  • एक अन्य अध्ययन के अनुसार, पुराने लहसुन के अर्क की एक उच्च खुराक (प्रति दिन 2.56 ग्राम) से रोग प्रतिरोधक क्षमता में सुधार होता है।
  • इससे सर्दी-जुकाम या बुखार भी कम हो सकता है।
  • साथ ही लहसुन में एंटी वायरल और एंटीमाइक्रोबियल प्रभाव भी होता है.
  • जो सर्दी-जुकाम से राहत दिला सकता है।
  • लहसुन के गुण से कैंसर के जोखिम से बचा जा सकता है।
  • एक रिसर्च बताती है कि लहसुन में एंटी-कैंसर गुण होता है।
  • ऐसे में लहसुन को कैंसर से बचाव का तरीका माना जा सकता है।
  • ध्यान दें कि कैंसर एक गंभीर बीमारी है.
  • इसलिए लहसुन को इसका उपचार समझने की भूल न करें।
  • कैंसर के इलाज के लिए डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है।

हड्डियों और गठिया के लिए


  • लहसुन हड्डियों की समस्या में लाभकारी साबित हो सकता है।
  • दरअसल, कच्चा लहसुन या लहसुन युक्त दवा के सेवन से शरीर को कैल्शियम अवशोषण में मदद मिलती है। इससे ऑस्टियोपोरोसिस (हड्डियों के कमजोर होने की बीमारी) से राहत मिल सकती है।
  • इसके अलावा, लहसुन में मौजूद सल्फर यौगिक में एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-अर्थराइटिक प्रभाव होते हैं।
  • इनकी मदद से गठिया का जोखिम कम हो सकता है।
  • इस आधार पर लहसुन को हड्डियों के लिए फायदेमंद कहा जा सकता है।

लिवर के लिए


  • लहसुन के फायदे में लिवर स्वास्थ्य भी शामिल है।
  • वैज्ञानिकों ने पाया है कि लहसुन में मौजूद एस-एलील्मर कैप्टोसाइटिस्टीन (SAMC) यौगिक नॉन अल्कोहलिक फैटी लिवर के उपचार में सहायक हो सकता है।
  • साथ ही इसे लिवर को किसी प्रकार की चोट से बचाने के लिए भी जाना जाता है ।
  • यही नहीं, लहसुन का तेल एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है.
  • जो लिवर की सूजन को कम कर सकता है ।

 गर्भावस्था के दौरान


  • गार्लिक के फायदे गर्भावस्था के शुरुआती दौर में हो सकते हैं ।
  • एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित जानवरों पर किए गए शोध में यह बात सामने आई है।
  • रिसर्च पेपर में लिखा है कि गर्भवती और भ्रूण दोनों के लिए गर्भावस्था के दौरान लहसुन फायदेमंद हो सकता है ।
  • हालांकि, ये शोध जानवरों पर हुए हैं.
  • इसलिए गर्भावस्था में लहसुन को लेकर एक बार डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

रोग प्रतिरोधक क्षमता


  • शरीर को स्वस्थ रखने के लिए इम्यून पावर का अच्छा होना आवश्यक है ।
  • ऐसे में लहसुन की कली का सेवन मददगार साबित हो सकता है।
  • दरअसल, लहसुन के सभी यौगिक इम्यूनिटी के लिए लाभकारी माने जाते हैं।
  • यह तब और फायदेमंद होता है, जब लहसुन पुराना हो ।
  • शोधकर्ताओं ने यह भी पाया है कि लहसुन खाने से शरीर में कई तरह की प्रतिरक्षा कोशिकाओं की संख्या में वृद्धि हो सकती है ।

आंतों के लिए लहसुन


  • लहसुन का सेवन करके छोटी आंत की क्षति से बचाव हो सकता है ।
  • इसका एंटीमाइक्रोबियल गुण आंतों के लाभकारी माइक्रोफ्लोरा और हानिकारक एंटरोबैक्टीरिया के बीच अंतर कर हानिकारक बैक्टीरिया को बनने से रोक सकता है।
  • बस ध्यान रहे लहसुन के अधिक सेवन से सीने में जलन या पेट खराब हो सकता है ।

यूटीआई या किडनी संक्रमण के लिए


  • लहसुन के गुण किडनी संक्रमण की रोकथाम में भी मदद कर सकते हैं।
  • वैज्ञानिकों ने पाया है कि गार्लिक पी. एरुजिनोसा (Pseudomonas Aeruginosa) बैक्टीरिया को बढ़ने से रोक सकता है।
  • यह बैक्टीरिया यूटीआई और गुर्दे के संक्रमण के लिए जिम्मेदार होता है ।
  • इसके अलावा, लहसुन में मौजूद एलिसिन यौगिक किडनी रोग के जोखिम को कम करने में भी सहायक हो सकता है ।

यीस्ट इंफेक्शन के लिए


  • यीस्ट इंफेक्शन से बचाव में लहसुन मदद कर सकता है।
  • दरअसल, लहसुन में एलिल सल्फाइड नामक यौगिक होता है.
  • जो एंटीमाइक्रोबियल क्षमता दिखाता है।
  • यह एंटीमाइक्रोबियल प्रभाव यीस्ट को नष्ट करके संक्रमण के जोखिम को कम कर सकता है ।

अल्जाइमर के लिए


  • अल्जाइमर मस्तिष्क संबंधी समस्या है.
  • जिसमें लोगों को भूलने की बीमारी हो जाती है ।
  • ऐसे में एंटीऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर लहसुन का सेवन करके संज्ञानात्मक गिरावट (Cognitive Decline) से बचाव किया जा सकता है।
  • इसका सकारात्मक असर अल्जाइमर पर देखने को मिल सकता है ।

आंखों के लिए


  • लहसुन खाने के फायदे आंखों को भी हो सकते हैं। रिसर्च पेपर में बताया गया है कि एकैंथअमीबा आंखों के गंभीर संक्रमण का कारण बनता है।
  • साथ ही केरेटाइटिस (Keratitis) यानी आंख के पारदर्शी हिस्से कॉर्निया में सूजन भी पैदा करता है।
  • ऐसे में लहसुन का अमीबिसाइडल (Amoebicidal) प्रभाव इस अमीबा को खत्म करके आंखों को इससे होने वाले संक्रमण से बचा सकता है ।

कोल्ड सोर से राहत


  • कोल्ड सोर या छाले व्यक्ति को हर्पीस सिम्पलेक्स वायरस के कारण होते हैं ।
  • ये संक्रामक और दर्दनाक फफोले होते हैं.
  • जो होठ और नाक के आसपास हो सकते हैं।
  • इससे संबंधित रिसर्च की मानें, तो लहसुन में मौजूद एंटीवायरल प्रभाव हर्पीस सिम्पलेक्स वायरस से राहत दिलाकर कोल्ड सोर की स्थिति में सुधार कर सकता है ।

आयरन और जिंक के अवशोषण में मददगार


  • शरीर को स्वस्थ रखने के लिए कई प्रकार के पोषक तत्व जरूरी होते हैं और आयरन व जिंक उन्हीं में शामिल हैं।
  • रिसर्च बताती हैं कि लहसुन का सेवन करने से खाद्य पदार्थों में मौजूद आयरन और जिंक दोनों को शरीर आसानी से अवशोषित कर सकता है ।
  • ऐसे में आयरन या जिंक की कमी से जूझ रहे लोगों को अपने आहार में लहसुन को शामिल करना चाहिए।

कान दर्द के लिए


  • लहसुन के बेनेफिट में कान के हल्के संक्रमण या दर्द से राहत दिलाना भी शामिल है।
  • एक रिसर्च पेपर में बताया गया है कि लहसुन में एंटी माइक्रोबियल गुण होता है.
  • जिस कारण इसे कान में होने वाले इंफेक्शन के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
  • इससे कान में संक्रमण के कारण होने वाला दर्द भी कम हो सकता है ।
  • ध्यान रहे कि गंभीर कान दर्द होने पर डॉक्टर से परामर्श जरूर करें।

मुंह के स्वास्थ्य के लिए


  • लहसुन में मौजूद एलिसिन एंटीमाइक्रोबियल प्रभाव से समृद्ध होता है।
  • इससे मुंह के बैक्टीरिया, जो मसूड़ों के संक्रमण का कारण बनते हैं.
  • उन्हें खत्म करने में मदद मिल सकती है ।
  • साथ ही वैज्ञानिकों ने लहसुन के अर्क से युक्त माउथवॉश को भी प्रभावी पाया है ।
  • साथ ही यह बात भी सामने आई है कि लहसुन युक्त टूथपेस्ट और माउथवॉश से कैविटी के जोखिम से बचा जा सकता है ।

पाइल्स के लिए


  • लहसुन का लाभ पाइल्स प्रभावित लोगों को भी हो सकता है।
  • एक वैज्ञानिक अध्ययन के मुताबिक, लहसुन को पाइल्स के आयुर्वेदिक इलाज के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है।
  • लहसुन का कौन-सा गुण इसमें मददगार साबित होता है.
  • इस संबंध में अभी और शोध करने की आवश्यकता है।

एलर्जी कम करने के लिए


  • लहसुन एलर्जी के जोखिम को कम करने और बढ़ाने दोनों का कारण बन सकता है।
  • इससे जुड़े एक मेडिकल रिसर्च की मानें, तो लहसुन एलर्जी के खिलाफ शरीर के डिफेंस सुरक्षा को मजबूत कर सकता है।
  • इससे एलर्जी का जोखिम कम हो सकता है.
  • लेकिन कुछ लोगों को इसके इस्तेमाल से एलर्जी भी हो सकती हैं ।

कील-मुंहासे दूर करे


  • कील-मुंहासों के कारण कई हो सकते हैं और बैक्टीरिया उन्हीं में से एक है ।
  • ऐसे में लहसुन के उपयोग से कील-मुंहासों से बचाव हो सकता है.
  • क्योंकि इसमें एंटी-बैक्टीरियल प्रभाव होता है।
  • इसके अलावा, इसमें एंटी-एक्ने प्रभाव भी पाया जाता है.
  • जो मुंहासे की समस्या को दूर कर सकता है ।

सोरायसिस की रोकथाम


  • सोरायसिस चर्म रोग है, जिसमें खुजली होने लगती है और त्वचा लाल हो जाती है।
  • यह बीमारी ज्यादातर सिर की त्वचा, कोहनी और घुटनों को प्रभावित करती है।
  • इसके प्रभाव को लहसुन से कम किया जा सकता है।
  • लहसुन में डायलिल सल्फाइड और एजेन जैसे यौगिक होते हैं।
  • ये यौगिक सोरायसिस की वजह बनने वाले न्यूक्लियर ट्रांसमिशन कारक कप्पा बी को निष्क्रिय कर सकते हैं।

एक्जिमा से राहत


  • एक्जिमा एक त्वचा संबंधी समस्या है.
  • जिसमें त्वचा पर लाल चकत्ते, सूजन के साथ खुजली जैसी परेशानी हो सकती है.
  • इसे डर्मेटाइटिस भी कहते हैं।
  • ऐसे में इससे राहत पाने के लिए लहसुन खाना उपयोगी हो सकता है।
  • हालांकि, इसका कोई ठोस वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।
  • दरअसल, खुजली से राहत दिलाने के मामले में लहसुन की सफलता या असफलता रोगी के शरीर पर निर्भर करती है।
  • किसी व्यक्ति को अगर लहसुन से एलर्जी है.
  • तो लहसुन एक्जिमा को बढ़ा सकता है।

झुर्रियों के लिए


  • लहसुन का लाभ त्वचा पर भी हो सकता है।
  • दरअसल, लहसुन का सेवन किया जाए, तो समय से पहले चेहरे पर पड़ने वाली झुर्रियों से बचा जा सकता है।
  • लहसुन में कैफिक एसिड और एस-एलिल सिस्टीन (S-allyl Cysteine) यौगिक होता है।
  • ये त्वचा को सूर्य की हानिकारक किरणों की वजह से होने वाली झुर्रियों से बचाने में मदद कर सकता है।

स्ट्रेच मार्क्स के लिए


  • गर्भावस्था, बढ़ता वजन या एक उम्र के बाद महिलाओं के शरीर पर स्ट्रेच मार्क होना सामान्य है।
  • आए दिन महिलाएं स्ट्रेच मार्क से निजात पाने के लिए कुछ-न-कुछ नुस्खें आजमाती रहती हैं।
  • वैसे तो स्ट्रेच मार्क्स के निशान को पूरी तरह मिटाना मुश्किल है.
  • लेकिन इसे गार्लिक से कम किया जा सकता है।
  • हालांकि, इस बारे में कोई वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है।
  • यह सिर्फ मान्यताओं पर आधारित है।

बालों के लिए लहसुन


  • लहसुन का उपयोग बालों के लिए भी लाभकारी हो सकता है।
  • दरअसल, एनसीबीआई द्वारा प्रकाशित एक शोध के अनुसार, लहसुन का जेल और बीटामेथासोन वैलेरेटका का मिश्रण एलोपेसिया एरेटा (Alopecia Areata) यानी बाल झड़ने की बीमारी से बचाव कर सकता है।
  • अगर समस्या ज्यादा हो तो डॉक्टरी सलाह लेने में देर न करें।
यह भी जाने 

1.लहसुन में कौन कौन से पोषक तत्व पाए जाते हैं?

  • लहसुन में रासायनिक तौर पर गंधक की अधिकता होती है।
  • इसे पीसने पर ऐलिसिन नामक यौगिक प्राप्त होता है जो प्रतिजैविक विशेषताओं से भरा होता है।
  • इसके अलावा इसमें प्रोटीन, एन्ज़ाइम तथा विटामिन बी, सैपोनिन, फ्लैवोनॉइड आदि पदार्थ पाये जाते हैं।

2.लहसुन की तासीर गर्म होती है क्या?

आमतौर पर माना जाता है कि लहसुन की तासीर गर्म होती है। इसलिए गर्मी में इसे नहीं खाना चाहिए। लेकिन नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद, जम्मू के डॉ. अटल बिहारी त्रिवेदी के अनुसार गर्मी में भी लहसुन खाने का कोई नुकसान नहीं है।

3.लहसुन में कौन सा एसिड पाया जाता है?

  • लहसुन में आवश्यक खनिज विटामिन-सी, विटामिन-बी 6, फॉस्फोरस, मैंगनीज, जस्ता, कैल्शियम और लोहा पाए जाते हैं.
  • यह सभी शरीर के लिए बेहद फायदेमंद और जरूरी तत्व माने जाते हैं.
  • साथ ही इसमें थोड़ी मात्रा में प्रोटीन और थायमिन और पैंटोथेनिक एसिड पाए जाते हैं.
  • जो सेहत के लिए बहुत ही फायदेमंद होता है.

Lahsun Ke Postik Tatva – Garlic Nutritional Value in Hindi


लहसुन गुणों का खजाना है, इसमें कई तरह के पोषक तत्व होते हैं। इन पोषक तत्वों के बारे में आगे हम एक तालिका के माध्यम से बता रहे हैं।

पौष्टिक तत्व प्रति 100 ग्राम
पानी 58.58 ग्राम
एनर्जी 149 केसीएल
प्रोटीन 6.36  ग्राम
टोटल लिपिड (फैट) 0.5  ग्राम
ऐश 1.5  ग्राम
कार्बोहायड्रेट 33.06  ग्राम
फाइबर 2.1  ग्राम
शुगर 1  ग्राम
कैल्शियम 181  मिलीग्राम
आयरन 1.7 मिलीग्राम
मैग्नीशियम 25 मिलीग्राम
फास्फोरस 153 मिलीग्राम
पोटेशियम 401 मिलीग्राम
  सोडियम 17 मिलीग्राम
जिंक 1.16 मिलीग्राम
कॉपर 0.299 मिलीग्राम
सेलेनियम 14.2 माइक्रोग्राम
विटामिन सी 31.2 मिलीग्राम
थायमिन 0.2 मिलीग्राम
राइबोफ्लेविन 0.11 मिलीग्राम
नियासिन 0.7 मिलीग्राम
पैंटोथैनिक एसिड 0.596 मिलीग्राम
विटामिन बी -6 1.235 मिलीग्राम
 फोलेट, टोटल 3 माइक्रोग्राम
कॉलिन, टोटल 23.2 मिलीग्राम
ल्यूटिन + जियाजैंथिन 16 माइक्रोग्राम
विटामिन ई (अल्फा-टोकोफेरॉल) 0.08 मिलीग्राम
फैटी एसिड, टोटल सैचुरेटेड 0.089 ग्राम
फैटी एसिड, टोटल मोनोअनसैचुरेटेड 0.011 ग्राम
फैटी एसिड, टोटल पॉलीअनसैचुरेटेड 0.249 ग्राम

 


Lahsun Ka Upyog – Garlic Uses in Hindi


लहसुन के औषधि गुण के कारण लहसुन का उपयोग अनेक प्रकार से किया जा सकता है। इसे इस्तेमाल करने के तरीके नीचे हम कुछ बिंदुओं के माध्यम से बता रहे हैं।

  • भोजन में सीमित मात्रा में लहसुन को शामिल कर सकते हैं।
  • हर रोज खाली पेट कच्ची या सूखी लहसुन की कली का सेवन कर सकते हैं। बस उपयोग करने से पहले डॉक्टरी सलाह जरूर लें।
  • चाहें तो एक या दो लहसुन की कलियों को बारीक काटकर पालक की स्मूदी में मिलाकर सेवन कर सकते हैं।
  • लहसुन को रोज सब्जी या सूप में डालकर भी खा सकते हैं।
  • आप गार्लिक टी यानी लहसुन की चाय भी पी सकते हैं।
  • लहसुन की कुछ कलियों को घी में भूनकर भी खाया जा सकता है।
  • दो से तीन लहसुन की कलियों को हरे प्याज, ब्रोकली और चुकंदर के रस के साथ मिलाकर सेवन करें। अगर किसी को इनमें से किसी से भी एलर्जी है, तो उस सामग्री का इस्तेमाल न करें।
  • सरसों के तेल में लहसुन की कलियों को गर्म करके, जोड़ों के दर्द के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।
  • डॉक्टर की सलाह पर लहसुन के कैप्सूल भी ले सकते हैं।
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Lahsun Khaane ka sahi samay or sahi tarika


  • लहसुन खाने के सही समय की बात करें, तो दोपहर या रात के भोजन में इसका उपयोग किया जा सकता है।
  • इसके अलावा, शाम के वक्त वेजिटेबल सूप में भी इसे डाल सकते हैं।
  • लहसुन का पेस्ट बनाकर भी भोजन में मिलाया जा सकता है।
  • कुछ लोग इसकी कलियों को भूनकर भी खाते हैं।
  • अच्छा होगा इस विषय में डायटीशियन से सही राय ली जाए।

Lahsun Ko Lambe Samay Tak Surakshit Kaise Rakhe


नीचे हम लहसुन को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के तरीके बता रहे हैं।

  • लहसुन को फ्रिज में न रखकर किसी सुखी जगह पर रखें।
  • ताजे लहसुन को पैक करके न रखें। ऐसा करने से लहसुन अंकुरित होकर खराब हो सकते हैं।
  • जरूरत के हिसाब से ही लहसुन के कंद को तोड़कर कलियां निकालें, क्योंकि साबुत लहसुन के मुकाबले कलियां जल्दी खराब हो जाती हैं।

Lahsun Ke Nuksan – Side Effects of Garlic in Hindi


लहसुन के फायदे और नुकसान दोनों हो सकते हैं। इसे अधिक मात्रा में लेने पर सेहत पर हानिकारक असर हो सकता है। नीचे जानिए लहसुन के नुकसान किस प्रकार हो सकते हैं।

  • लहसुन खाने से मुंह या शरीर से दुर्गंध आने की समस्या हो सकती है।
  • अगर कोई कच्चा लहसुन खा रहा है, तो उसे सीने में जलन और पेट संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।
  • किसी की कोई सर्जरी होने वाली है, तो उससे पहले लहसुन का सेवन न करें। दरअसल, ज्यादा लहसुन खाने से रक्तस्राव हो सकता है।
  • लहसुन से एलर्जी की समस्या हो सकती है।

Lahsun Kin Kin Logo Ko Nahi Khana Chahiye – Who Should Avoid Garlic in Hindi


कुछ स्थितियों से जूझ रहे लोगों को लहसुन का सेवन न करने की सलाह दी जाती हैं, जो कुछ इस प्रकार हैं।

  • जैसा कि हमने ऊपर जानकारी दी है कि कच्चे लहसुन से पेट संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। ऐसे में जिनको पेट से जुड़ी कोई परेशानी है, तो कच्चे लहसुन का सेवन करने से बचें।
  • अगर कोई खून को पतला करने की दवाई ले रहा है, तो लहसुन का सेवन न करें ।
  • लिवर के लिए लहसुन लाभकारी है, लेकिन अगर किसी को लिवर की गंभीर समस्या है, तो इसके सेवन से पहले डॉक्टरी परामर्श लें।
  • लहसुन के अत्यधिक सेवन से लिवर को क्षति भी हो सकती है ।
  • माइग्रेन की समस्या वालों को लहसुन का सेवन नहीं करना चाहिए। हो सकता है कि इसकी गंध से समस्या और बढ़ जाए ।
  • लो ब्लड प्रेशर की शिकायत वालों को लहसुन का सेवन डॉक्टरी सलाह पर ही करना चाहिए। लहसुन हाई ब्लड प्रेशर के लिए लाभकारी होता है । ऐसे में लो ब्लड प्रेशर में यह नुकसानदायक हो सकता है।

लहसुन हर घर के रसोई में उपयोग होने वाली लाभकारी सामग्री है। यह कई औषधीय गुणों से समृद्ध होता है, जिस कारण यह कई समस्याओं और उनके लक्षण को कम कर सकता है। बस ध्यान दें कि लहसुन के नुकसान से बचने के लिए इसका सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए। अब आगे लहसुन से जुड़े कुछ सवालों के जवाब जान लीजिए।

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