PCOS : Polycystic Ovary Syndrome in hindi

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PCOS : Polycystic Ovary Syndrome in hindi

म      हिलाओं के हार्मोनल स्तर में बदलाव होना सामान्य है। ऐसे में हार्मोनल परिवर्तन से संबंधित कई जोखिम भी उत्पन्न हो सकते हैं। उनमें से एक Polycystic Ovary Syndrome – PCOS भी है। इसे Polycystic Ovary Disease – पीसीओडी के नाम से भी जाना जाता है। एक मेडिकल रिसर्च की माने, तो महिला जनसंख्या में से 6-10 प्रतिशत महिलाएं इस समस्या का शिकार होती हैं। अगर किसी महिला को यह समस्या है, तो उन्हें बिना किसी झिझक के इस बारे में डॉक्टर से बात करनी चाहिए। Google Today का यह आर्टिकल आपको PCOS से जुड़ी हर तरह की जानकारी देगा। हम बताएंगे कि PCOD के कारण क्या हो सकते हैं और PCOS के लक्षण किस तरह से नजर आ सकते हैं। इसके अलावा, PCOS के लिए घरेलू उपाय पर विस्तारपूर्वक जानकारी देंगे।

What is PCOS : Polycystic Ovary Syndrome 

  • यह स्थिति तब उत्पन्न होती है, जब हार्मोंस असंतुलित हो जाएं व मेटाबॉलिज्म की समस्या होने लगे।
  • हार्मोंस असंतुलित होने से मासिक धर्म चक्र पर असर पड़ता है।
  • आमतौर पर प्रति माह मासिक धर्म चक्र में ओवरी (अंडाशय) में अंडाणु बनते हैं और बाहर निकलते हैं.
  • लेकिन PCOS होने पर अंडाणु विकसित नहीं हो पाते हैं।
  • साथ ही बाहर नहीं निकल पाते हैं।
  • महिलाओं में इस हार्मोन की वृद्धि के परिणामस्वरूप कई समस्याएं उत्पन्न होने लगती हैं.
  • जिनमें मासिक धर्म की अनियमितता, बांझपन (Infertility)
  • और त्वचा की समस्याएं जैसे मुंहासे और बालों का बढ़ना शामिल हैं।
क्या होता है PCOD/PCOS | Causes, Symptoms & Treatment | PCOD Problem Weight Loss, Pregnancy and DIET

Causes of PCOS Polycystic Ovary Syndrome 

  • PCOS का मुख्य कारण हार्मोन के स्तर में परिवर्तन होना है.
  • जिस कारण ओवरी में अंडाणु पूरी तरह से विकसित नहीं हो पाते,
  • और उनका ओवरी से बाहर निकलना भी कठिन हो जाता है।
  • हालांकि, वैज्ञानिक तौर पर सटीक रूप से यह कहना मुश्किल है
  • कि PCOS किस कारण से होता है.
  • लेकिन इसे लेकर आम धारणाएं इस प्रकार हैं:

Genetic cause:

  • कुछ महिलाओं में PCOS की समस्या आनुवंशिक हो सकती है।
  • यह समस्या एक पीढ़ी से दूसरे पीढ़ी की महिला को हो सकती है।
  • हालांकि, इस संबंध में वैज्ञानिक शोध का अभाव है.
  • लेकिन जिनकी मां को यह समस्या रही हो, उन्हें अधिक सावधानी बरतनी चाहिए ।

Growth of male hormones:

  • कई बार महिलाओं की ओवरी अधिक मात्रा में पुरुष हार्मोन Androgen का उत्पादन करने लगती है।
  • पुरुष हार्मोन के ज्यादा मात्रा में उत्पादन होने पर ओव्यूलेशन प्रक्रिया के समय अंडाणु को बाहर निकलने में मुश्किल होती है।
  • इस अवस्था को मेडिकल भाषा में Hyperandrogenism कहा जाता है।

Insulin Imbalance:

  • शरीर में पाया जाने वाला इंसुलिन हार्मोन भी PCOS कारण बन सकता है।
  • दरअसल, हार्मोन आहार में पाए जाने वाले शुगर और स्टार्च को ऊर्जा में बदलने का काम करते हैं।
  • वहीं, जब इंसुलिन का संतुलन बिगड़ जाता है.
  • तो एंड्रोजन हार्मोन की वृद्धि होने लगती है।
  • इससे ओव्यूलेशन प्रक्रिया पर प्रभाव पढ़ने लगता है
  • और महिलाओं में PCOS की समस्या उत्पन्न हो जाती है।

Bad Lifestyle:

  • खराब जीवनशैली के कारण भी यह समस्या उत्पन्न हो सकती है।
  • जंक फूड का सेवन ज्यादा करने से शरीर को पर्याप्त पौष्टिक तत्व नहीं मिल पाते हैं।
  • साथ ही नशीले पदार्थों और सिगरेट का सेवन करना भी इस बीमारी का एक कारण है।

Symptoms of PCOS : Polycystic Ovary Syndrome 

PCOS का सबसे प्रमुख लक्षण मासिक धर्म चक्र में परिवर्तन शामिल है, इसके अलावा अन्य लक्षण इस प्रकार हैं:

  • युवावस्था के दौरान सामान्य रूप से पीरियड शुरू होने के बाद उनका बंद हो जाना।
  • इसे सेकंडरी एमेनोरिया कहा जाता है।
  • अनियमित पीरियड का आना और बंद हो जाना।

PCOS के अन्य लक्षणों में शामिल हैं:

  • शरीर के कई हिस्सों में बालों का उगना, जैसे छाती, पेट, चेहरे व निपल्स।
  • चेहरे, छाती या पीठ पर मुंहासे होना।
  • त्वचा में परिवर्तन, जैसे कि त्वचा पर काले निशान नजर आना।
  • खासकर बगल, कमर, गर्दन और स्तनों के आसपास।

Home Remedies for PCOS : Polycystic Ovary Syndrome 

  • पॉलीसायस्टिक ओवरी सिंड्रोम एक ऐसी समस्या है.
  • जिसे घरेलू उपचार के मदद से दूर करना पूरी तरह संभव नहीं है.
  • लेकिन घरेलू उपचार की मदद से इसके लक्षणों को कुछ हद तक कम किया जा सकता है।
  • आइए, इन घरेलू उपचारों के बारे में विस्तार से जानते हैं।

Vitamin – D 

PCOS : Polycystic Ovary Syndrome in hindi

Substance :

  • विटामिन-डी कैप्सूल

How to use:

  • इसे सीधे सेवन किया जा सकता है।
  • इसे डॉक्टर की सलाह पर ही लेना चाहिए।
  • कैप्सूल की जगह विटामिन-डी से भरपूर खाद्य पदार्थ जैसे टूना, सैल्मन, मैकेरल मछली, पनीर, अंडे का पीला भाग और मशरूम भी लिए जा सकते हैं।

How beneficial:

  • एक रिसर्च पेपर में बताया गया है कि विटामिन डी का उपयोग PCOS से राहत पाने में सहायक हो सकता है।
  • इस शोध के मुताबिक विटामिन-डी असामान्य रूप से बढ़ रहे सीरम एंटी-मुलरियन हार्मोन (एएमएच) के स्तर को कम करने का काम कर सकता है।
  • एएमएच एक तरह का हार्मोन है.
  • जिसके बढ़ने पर PCOS की समस्या हो सकती है।
  • इसके अलावा, PCOS वाली महिलाओं में मेटफार्मिन थेरेपी – मधुमेह के इलाज लिए अपनाई जाने वाली थेरेपी के साथ-साथ विटामिन-डी और कैल्शियम की खुराक देने पर मासिक धर्म को नियमित करना और ओव्यूलेशन प्रक्रिया को सही करने में मदद मिलती है।
  • ऐसे में कहा जा सकता है कि विटामिन-डी के सेवन से PCOS के लक्षणों को दूर किया जा सकता है।

Apple vinegar

PCOS : Polycystic Ovary Syndrome in hindi

Substance :

  • दो चम्मच सेब का सिरका
  • एक गिलास पानी

How to use:

  • सबसे पहले पानी को हल्का गर्म कर लें।
  • फिर उसमें सेब के सिरके डाल लें और अच्छे से मिक्स करें।
  • फिर इसे पी लें।

How beneficial:

  • सेब के सिरके का सेवन PCOS से राहत दिलाने में मदद कर सकता है।
  • इस विषय पर एक शोध किया गया है।
  • शोध के तहत PCOS में हार्मोनल और ओव्यूलेटरी फंक्शन पर सिरके के प्रभाव जानने के लिए सात रोगियों को 90-110 दिन तक रोजाना 15 ग्राम सेब के सिरका दिया गया।
  • इससे यह साबित हुआ कि सेब के सिरके के सेवन से इस समस्या के इलाज में कुछ हद मदद मिल सकती हैं।
  • शोध के अनुसार ऐसा इसलिए संभव है.
  • क्योंकि सिरके के सेवन से PCOS से प्रभावित रोगी में इंसुलिन संवेदनशीलता बेहतर होती है।

Coconut Oil

PCOS : Polycystic Ovary Syndrome in hindi

Substance :

  • एक चम्मच नारियल तेल

How to use:

  • नारियल तेल का सीधे सेवन किया जा सकता है या इसे स्मूदी में मिलाकर पिया जा सकता है।

How beneficial:

  • नारियल के तेल का उपयोग करने पर PCOS के उपचार में मदद मिल सकती है।
  • इस संबंध में किए गए एक वैज्ञानिक शोध से पता चलता है कि Deconic acid युक्त आहार के सेवन से एंड्रोजन के उत्पादन को कम करके PCOS की समस्या को कुछ कम किया जा सकता है।
  • डेकोनिक एसिड एक तरह का नॉन-टॉक्सिक फैटी एसिड होता है.
  • जिसमें 10 कार्बन अणु होते हैं।
  • वहीं, नारियल तेल में डेकोनिक एसिड प्राकृतिक रूप से पाया जाता है।
  • फिलहाल, इस पर और शोध किए जाने की जरूरत है.
  • ताकि पता चल सके कि यह किस तरह काम करता है।

Evening Primrose Oil

PCOS : Polycystic Ovary Syndrome in hindi

Substance :

  • ईवनिंग प्रिमरोज ऑयल कैप्सूल

How to use:

  • इस कैप्सूल को सीधे सेवन किया जा सकता है।
  • प्रतिदिन एक कैप्सूल लिया जा सकता है।

How beneficial:

  • एक शोध के मुताबिक ईवनिंग प्रिमरोज ऑयल के उपयोग से PCOS के इलाज में मदद मिल सकती है।
  • इस शोध में कुछ महिलाओं को 12 हफ्ते तक Vitamin – D और ईवनिंग प्रिमरोज ऑयल दिया गया।
  • इससे उनमें Triglyceride – एक तरह का फैट , वेरी लो डेंसिटी लिपोप्रोटीन कोलेस्ट्रॉल – BLDL के स्तर में सुधार पाया गया।
  • साथ ही ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस में भी कमी आई,
  • जिस कारण मरीज को PCOS के लक्षणों से कुछ राहत मिली।

Green Tea

PCOS : Polycystic Ovary Syndrome in hindi

Substance :

  • एक चम्मच ग्रीन टी पाउडर
  • एक कप पानी
  • 1 चम्मच शहद

How to use:

  • सबसे पहले पानी में ग्रीन टी पाउडर को मिलाएं और कुछ देर तक गर्म करें।
  • कुछ मिनट गर्म होने के बाद इस चाय को छान कर कप में डाल लें।
  • फिर ऊपर से शहद डाल लें और चाय के स्वाद का आनंद लें।
  • इसे दिन में दो से तीन बार तक पी सकते हैं।

How beneficial:

  • एक अध्ययन के अनुसार, ग्रीन टी के सेवन से शरीर में ग्लूकोज की मात्रा को कम किया जा सकता है.
  • जिससे PCOS के लक्षण को दूर किया जा सकता है।
  • यह इंसुलिन को भी कम करने में मदद कर सकता है।
  • जैसा कि ऊपर लेख में बताया गया है कि इंसुलिन की असंतुलित मात्रा PCOS का कारण बन सकती है।
  • ऐसे में कहा जा सकता है कि PCOS में ग्रीन टी का उपयोग सहायक हो सकता है।

Royal jelly

  • दो चम्मच रॉयल जेली

How to use:

  • इसे सामान्य तरीके से सेवन किया जाता है।
  • प्रतिदिन सुबह कुछ मात्रा में लिया जा सकता है।

How beneficial:

  • रॉयल जेली एक तरह का शहद होती है।
  • वहीं, PCOS एक हार्मोन से संबंधित समस्या होती है.
  •  जिसके इलाज में रॉयल जेली के सेवन की सलाह दी जा सकती है।
  • एक वैज्ञानिक अध्ययन के आधार पर रॉयल जेली के 200 से 400 मिलीग्राम के सेवन से Serum estradiol – फीमेल हार्मोन के स्तर में वृद्धि हो सकती है।
  • यह मासिक धर्म चक्र को रेगुलेट करने का काम करता है।
  • साथ ही रॉयल जेली Serum progesterone – महिलाओं से संबंधित एक तरह का हार्मोन के स्तर में वृद्धि कर सकता है।
  • प्रोजेस्टेरोन में वृद्धि होने से मासिक धर्म चक्र नियमित हो सकता है.
  • जिससे PCOS के उपचार में मदद मिल सकती है।
  • यह सब रॉयल जेली में पाए जाने वाले Antioxidant और Estrogenic प्रभाव के कारण होता है.
  • जिसका प्रभाव प्रजनन प्रणाली – रिप्रोडक्टिव सिस्टम पर होता है।

Aloe vera juice

PCOS : Polycystic Ovary Syndrome in hindi

Substance :

  • एक गिलास एलोवेरा जूस

How to use:

  • ताजा एलोवेरा जूस को सुबह खाली पेट पिएं।
  • इसे प्रत्येक सुबह पिया जा सकता है।

How beneficial:

  • PCOS के इलाज में एलोवेरा जूस का उपयोग किया जा सकता है।
  • एक वैज्ञानिक शोध से पता चलता है कि एलोवेरा जेल में PCOS से बचाने की क्षमता होती है।
  • इस अध्ययन के अनुसार, एलोवेरा जेल PCOS से जूझ रही महिलाओं में Hyperglycemic – उच्च रक्त शुगर स्थिति को सामान्य करने में मदद कर सकता है।
  • ऐसा इसलिए, क्योंकि एलोवेरा जेल में हाइपोग्लाइसेमिक यानी रक्तचाप को कम करने का प्रभाव होता है।
  • साथ ही एलोवेरा में Phytosterols – एक तरह का Plant sterol और Phyto-phenol होता है।

Amla juice

PCOS : Polycystic Ovary Syndrome in hindi

Substance :

  • एक चम्मच आंवले का रस
  • 1 कप पानी

How to use:

  • आंवले के रस को पानी में अच्छे से घोल लें।
  • फिर इस मिश्रण को पी लें।
  • इसे दिन में एक बार पी सकते हैं।

How beneficial:

  • PCOS के मरीज को कई खाद्य पदार्थ से दूर रखा जाता है
  • और कई खाद्य पदार्थ उनके आहार में शामिल करने की सलाह दी जाती है।
  • जिन खाद्य पदार्थों को आहार में शामिल किया जाता है.
  • वो PCOS के लक्षण को कम करने में मदद कर सकते हैं।
  • ऐसे में जिन खाद्य पदार्थ को PCOS के मरीज की दिनचर्या में शामिल किया जा सकता है.
  • उनमें आंवला का जूस भी शामिल है।
  • अभी इस संबंध में और वैज्ञानिक शोध की आवश्यकता है
  • कि यह किस गुण के कारण PCOS में लाभदायक होता है।

Cumin water

  • आधा चम्मच जीरा पाउडर
  • 1 कप पानी

How to use:

  • सबसे पहले पानी को हल्का गर्म करें।
  • फिर उसमें जीरा पाउडर को मिलाएं और कुछ देर तक गुनगुना होने दें।
  • पानी के गुनगुना होने पर इसे कप में निकाल कर पिएं।
  • इसे दिन में दो बार पिया जा सकता है।

How beneficial:

  • कई समस्याओं से निपटने के लिए हर्बल उपचारों का सहारा लिया जाता है।
  • वैसे ही PCOS के इलाज में जीरा का उपयोग किया जा सकता है।
  • यह शरीर में हार्मोन के स्तर को सामान्य बनाने का काम कर सकता है
  • और वजन कम करने में भी सहायता कर सकता है।
  • इससे मासिक चक्र के अनियमित होने की समस्या कम हो सकती है।
  • इसके अलावा, जीरे में Hypoglycemic और Anti-obesity गतिविधि भी होती हैं.
  • जो ब्लड शुगर और मोटापे को सामान्य करने का काम कर सकती है।
  • ध्यान रहे कि कम रक्त शुगर वाले इसका अधिक मात्रा में सेवन न करें,
  • इसमें हाइपोग्लाइसेमिक प्रभाव होता है.
  • जो रक्त में शुगर की मात्रा को जरूरत से ज्याद कम कर सकता है।

Seeds

  • कलौंजी के बीज

Substance :

  • एक चम्मच कलौंजी के बीज
  • 1 चम्मच शहद

How to use:

  • दोनों सामग्रियों को मिलाएं और इस मिश्रण का सेवन करें।
  • इसे प्रतिदिन सुबह खाया जा सकता है।

How beneficial:

  • एक रिसर्च के अनुसार, कलौंजी के अर्क का उपयोग टाइप-2 मधुमेह रोगियों पर हाइपोग्लाइसेमिक प्रभाव के लिए किया जाता है।
  • इसमें एंटी-डायबिटिक गतिविधि होती है।
  • इसके अलावा, यह प्रजनन प्रणाली – रिप्रोडक्टिव सिस्टम पर भी सकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।
  • साथ ही कलौंजी में Thymoquinone – एक तरह का यौगिक पाया जाता है.
  • जो PCOS से संबंधित लक्षणों को रोकने के साथ-साथ कम करने,
  • और ओव्यूलेशन प्रक्रिया को बेहतर करने का काम कर सकता है।

Chia Seeds

PCOS : Polycystic Ovary Syndrome in hindi

Substance :

  • आधा चम्मच चिया बीज
  • एक गिलास दूध

How to use:

  • दूध को हल्का गर्म करें और उसमें चिया बीज को मिलाएं।
  • फिर इस मिश्रण का सेवन कर लें।

How beneficial:

  • चिया बीज के सेवन से PCOS की समस्या को दूर रखा जा सकता है।
  • दरअसल, यह हार्मोन को संतुलित रखने का काम कर सकता है।
  • साथ ही इसके इस्तेमाल से वजन भी घट सकता है.
  • जिससे मासिक चक्र को सामान्य बनाए रखने में मदद मिल सकती है।
  • इससे PCOS की समस्या कुछ कम हो सकती है।
  • अभी इस संबंध में और वैज्ञानिक शोध की जरूरत है.
  • जिससे कि PCOS पर इसका असर पूरी तरह से स्पष्ट हो सके।

Fenugreek seeds

Fenugreek seeds

Substance :

  • दो चम्मच मेथी बीज
  • आधा कप पानी
  • 1 चम्मच शहद

How to use:

  • मेथी के बीज को रात भर पानी में भिगोकर रखें।
  • फिर भीगे हुए मेथी के बीज को शहद में मिलाकर खाएं।
  • इसका सेवन रोज सुबह किया जा सकता है।

How beneficial:

  • मेथी के बीज को लेकर एक वैज्ञानिक शोध किया गया,
  • जिसका उद्देश्य PCOS पर मेथी का प्रभाव जानना था।
  • इस शोध में 50 पूर्व-रजोनिवृत्त – प्रीमीनोपॉज महिलाओं को लिया गया है.
  • जिनकी उम्र 18 से 45 वर्ष थी।
  • इनमें से 42 महिलाओं को PCOS की समस्या थी।
  • शोध से प्राप्त हुए परिणामों से पता चला है कि मेथी के बीज का अर्क Ovarian volume यानी साइज में कमी ला सकता है।
  • कुछ हद तक डॉक्टर PCOS का निदान ओवेरियन वॉल्यूम से ही करते हैं।
  • इसके अलावा, यह Luteinizing hormone और Follicle-stimulating hormone – महिलाओं से संबंधित हार्मोन के स्तर को भी बढ़ा सकता है।
  • साथ ही मेथी के बीज का अर्क PCOS के लक्षणों को कम करने के लिए प्रभावी हो सकता है।

Mole

  • एक चम्मच तिल
  • एक गिलास पानी
  • गुड़ का छोटा टुकड़ा

How to use:

  • सबसे पहले पानी में तिल के बीज को मिलाएं और कुछ देर तक उबालें।
  • फिर इसमें स्वाद के लिए गुड़ को मिलाएं और कप में निकाल लें।
  • अब इस काढ़े का सेवन कर लें।
  • इसे प्रतिदिन एक से दो कप तक पी सकते हैं।

How beneficial:

  • तिल के बीज के सेवन से PCOS को दूर रख सकता है।
  • दरअसल, तिल के बीज के उपयोग से Oligomenorrhea का इलाज किया जा सकता है।
  • ओलिगोमेनोरिया ऐसी स्थिति है, जिसमें मासिक धर्म प्रवाह में कमी आ जाती है।
  • इसलिए, ओलिगोमेनोरिया की समस्या में अक्सर PCOS का जोखिम उत्पन्न हो जाता है।
  • ऐसे में ओलिगोमेनोरिया का इलाज होने पर पीसीओएस के जोखिम से बचा जा सकता है।

Anise

  • दो चम्मच सौंफ
  • एक गिलास पानी

How to use:

  • सौंफ को रातभर आधा गिलास पानी में भिगोकर रखें।
  • फिर सुबह इसमें आधा गिलास पानी और डालें।
  • उसके बाद इसे लगभग 5 मिनट के लिए गर्म करें।
  • फिर इसे छानकर पी लें।
  • इसे प्रतिदिन सुबह खाली पेट पिया जा सकता है।

How beneficial:

  • सौंफ के उपयोग से PCOS की समस्या में कुछ हद तक सुधार हो सकता है।
  • दरअसल, सौंफ में Renoprotective प्रभाव पाए जाते हैं.
  • जो पीसीओएस के इलाज में मदद कर सकते हैं।
  • पीसीओएस की समस्या को कम करने के लिए,
  • सौंफ का सेवन करने से इस समस्या में कुछ हद तक सुधार हो सकता है।

Pumpkin Seeds

Pumpkin Seeds

Substance :

  • 5 से 10 कद्दू के बीज

How to use:

  • कद्दू के बीज को छिल लें और इसका सेवन कर लें।
  • इसे कुछ ड्राई फ्रूट के साथ मिलाकर भी खाया जा सकता है।
  • प्रतिदिन कद्दू के कुछ बीज लिए जा सकते हैं।

How beneficial:

  • कद्दू के बीज में Essential fatty acids – EFA पाया जाता है.
  • जो शरीर के लिए जरूरी होते हैं।
  • यह ईएफए हार्मोन की प्रक्रिया को संतुलित करने में मदद कर सकता है।
  • साथ ही यह इंसुलिन के नियंत्रित करके रक्त शर्करा को संतुलित करता है
  • और Periods  को नियमित कर सकता है।
  • इससे PCOS जैसी समस्या को दूर रखा जा सकता है।

Cinnamon

Cinnamon

Substance :

  • एक चम्मच दालचीनी पाउडर
  • 1 चम्मच शहद

How to use:

  • सबसे पहले दोनों सामग्रिया को आपस में अच्छी तरह से मिला लें।
  • फिर इसका सेवन कर लें।
  • इसका दिन में एक बार सेवन किया जा सकता है।

How beneficial:

  • एक वैज्ञानिक रिसर्च के मुताबिक दालचीनी के उपयोग से शरीर में इंसुलिन के स्तर को कम किया जा सकता है।
  • वहीं, 40 दिन तक दालचीनी का प्रतिदिन सेवन करने पर मधुमेह के रोगियों में रक्त शर्करा के स्तर को भी कम किया जा सकता है।
  • दालचीनी को 8 हफ्ते तक रोज उपयोग करने से PCOS से पीड़ित महिलाओं में इंसुलिन प्रतिरोध कम हो जाता है।
  • साथ ही PCOS से पीड़ित महिलाओं में पीरियड्स को नियमित रूप से बनाए रखने में भी मदद मिल सकती है।

Liquorice root

Liquorice root

Substance :

  • एक चम्मच मुलेठी की जड़ का पाउडर
  • 1 कप पानी

How to use :

  • सबसे पहले पानी को गर्म करें और उसमें मुलेठी पाउडर को डालें।
  • कुछ देर तक पानी को गर्म होने दें।
  • फिर इसे छान कर एक कप में डाल लें।
  • इसे ताजा ही पिएं।
  • इसे दिन में दो बार पी सकते हैं।

How beneficial :

  • मुलेठी के उपयोग से भी PCOS की समस्या को कम किया जा सकता है।
  • इस संबंध में प्रकाशित एक मेडिकल शोध में बताया गया है कि मुलेठी के अर्क असंतुलित हार्मोनल स्तर और अनियमित ओवेरियन फॉलिकल को रेगुलेट करते हैं.
  • जिससे PCOS के लक्षणों को दूर किया जा सकता है।
  • इसलिए, ऐसा कहा जा सकता है कि PCOD के लिए घरेलू उपाय में मुलेठी को भी शामिल किया जा सकता है।

Chestberry

  • चेस्टबेरी सप्लीमेंट

How to use:

  • डॉक्टर की सलाह पर इसका सेवन करें।

How beneficial:

  • एक क्लिनिकल शोध में बताया गया है कि चेस्टबेरी के इस्तेमाल से Prolactin – एक तरह का हार्मोन कम हो सकता है।
  • प्रोलैक्टिन का स्तर ज्यादा होने से मासिक धर्म व प्रजनन क्षमता प्रभावित होती है।
  • इसके अलावा, चेस्टबेरी से मासिक धर्म की अनियमितता और बांझपन में भी सुधार हो सकता है।
  • इससे PCOS की समस्या को पनपने से रोका जा सकता है।

Treatment of PCOS : Polycystic Ovary Syndrome 

  • PCOS का संपूर्ण इलाज संभव नहीं है।
  • दवाइयों के माध्यम से सिर्फ इसके लक्षणों को कुछ हद तक कम किया जा सकता है।
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Hormonal birth control – जो गर्भवती नहीं होना चाहती

  • यह मासिक धर्म को नियमित कर सकता है।
  • एंडोमेट्रियल कैंसर के जोखिम को कम करने में मददगार हो सकता है।
  • मुंहासे में सुधार कर सकता है
  • और चेहरे व शरीर के अन्य अंगों पर आए अतिरिक्त बालों को कम करने में मदद कर सकता है।

Anti-androgen medicine:

  • यह दवाई एंड्रोजन के प्रभाव को कम करती है.
  • जिससे सिर के बाल झड़ने की समस्या कम हो सकती है
  • और चेहरे व शरीर के बालों के विकास में कमी आ सकती है।
  • साथ ही मुंहासे को कम करने में भी मदद मिल सकती हैं।
  • फिलहाल, फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने दवा को अनुमति नहीं दी है.
  • क्योंकि यह दवाई गर्भावस्था के दौरान समस्या पैदा कर सकती हैं।

Metformin:

  • इस दवाई का उपयोग टाइप 2 मधुमेह के इलाज और कुछ महिलाओं में PCOS के लक्षणों को दूर करने में किया जाता है।
  • यह दवाई इंसुलिन में सुधार कर रक्त शर्करा – Blood Sugar को कम कर सकती है।
  • साथ ही यह इंसुलिन और एंड्रोजन दोनों के स्तर को भी कम कर सकती है.
  • जिससे PCOS की समस्या दूर हो सकती है।

Prevention Tips for Polycystic Ovary Syndrome 

  • पीसीओएस की समस्या आनुवंशिक भी हो सकती है।
  • ऐसे में इस समस्या से बचना आसान नहीं है.
  • लेकिन इन सावधानियों को ध्यान में रखने से इस समस्या को बढ़ने से रोका जा सकता है।
  • नियमित रूप से योग व्यायाम करने पर शरीर और मन दोनों को स्वस्थ रखा जा सकता है.
  • जिससे कई समस्याएं दूर रह सकती हैं।
  • नियमित रूप से डॉक्टरी चेकअप कराएं,
  • ताकि किसी भी समस्या का समय रहते पता चल सके
  • और उसका इलाज किया जा सके।
  • इससे PCOS की समस्या को उत्पन्न होने से रोकने में मदद मिल सकती है।
  • कई बार वजन का अधिक बढ़ना या कम होने पर कुछ समस्याएं उत्पन्न हो जाती हैं।
  • ऐसे में वजन को नियंत्रित रख कर उन समस्याओं को उत्पन्न होने से रोका जा सकता है।
  • अगर किसी के Periods  लंबे समय से नियमित समय पर नहीं आ रहे हैं.
  • तो ऐसे में उन्हें इस बारे में डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
  • अगर किसी को अधिक तनाव की समस्या है.
  • तो इससे भी PCOS की समस्या हो सकती है।
  • ऐसे में तनाव मुक्त रहने पर कई समस्याओं से बचा जा सकता है।

यह बात भलीभांती समझ आ गई कि PCOS किस तरह की समस्या है। अगर किसी महिला में ऊपर बताए गए कोई भी लक्षण दिखाई दे रहे हैं, तो वो एक बार इस बारे में डॉक्टर से सलाह जरूर करें। इसके लक्षण को अनदेखा करना गंभीर बीमारी का कारण बन सकता है। आप इस आर्टिकल को अपने परिवार व अन्य महिलाओं के साथ शेयर कर सकते हैं, ताकि वो भी इस बीमारी के प्रति जागरूक हो सकें। हम उम्मीद करते हैं कि इस आर्टिकल में दिए गए जानकारी आपके लिए उपयोगी साबित होगी। Thankyou

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